मच्छर मारने की कला

जानते हैं जाड़ों की सबसे खूबसूरत चीज़ क्या होती है? बर्फ? न. कोहरा? नहीं. खुशनुमा धूप? नहीं यार. जाड़ों की सबसे सुन्दर चीज़ होती है मच्छरों की दर्दनाक मौत. ये सारे ठण्ड नहीं सह पाते और अपनी दो कौड़ी की एड़ियाँ रगड़ रगड़ कर मरते हैं. कितनी अच्छी बात है. Continue reading “मच्छर मारने की कला”

Book Review – His Bloody Project by Graeme Macrae Burnet

Book Review – His Bloody Project by Graeme Macrae Burnet

Let us first get something out of the way, the book is not a thriller. It is a work of fiction in which the author has gone to great lengths to create a setting so realistic that you’re compelled to believe everything in it. The author succeeds in the job. It is a realistic portrayal of an ordinary murder case. Let us get one more thing out of the way – there is no suspense as such. Everyone knows that Roderick Macrae did the killings and even the boy does not deny it. There is ample evidence against him. Evidence that is repeated over and over again – first in a section where he writes his journal, then when the criminal anthropologist studies him and later again in the courtroom. Continue reading “Book Review – His Bloody Project by Graeme Macrae Burnet”

ग्वालियर में विक्रम की सवारी

ग्वालियर में विक्रम की सवारी

सिंधिया राजघराने के लिए जाना जाता है ये शहर. ग्वालियर के रेलवे स्टेशन से उतरते वक़्त आप महसूस करेंगे कि किसी राजसी आन बान शान वाली जगह आ पहुंचे हैं. तभी अचानक कोई आपके पैर के पास पान थूक देगा और आपको आईडिया लग जाएगा कि मतलब नहीं, इतना भी नहीं. यहाँ पे ऑटो वाले आपसे मनुहार करेंगे कि हमारे साथ चल लो, हमारे साथ चल लो और जब आप मान जाएँगे और इनके पीछे चल पड़ेंगे तो ये भीड़ में पहले तो ओझल हो जाएँगे. फिर थोड़ी देर में प्रकट होंगे आगे दूर कहीं. आप अपना सामान घसीटते इनके पास पहुंचेंगे पर मालूम पड़ेगा कि इन्होने आपके हां की व्यवस्था नहीं की थी. इन्हें लगा था आप मानेंगे ही नहीं और इनका ऑटो तो चारों तरफ से घिरा हुआ है. कुछ गाली गलौज और मान मनुहार के बाद इनका ऑटो स्टैंड से निकल के आपके सामने होगा. अगर आप गर्मी में गए हैं तो आपको अंदाज़ होगा कि ये जो वक़्त आपने ऑटो के इंतज़ार में निकाला है इसमें आपकी त्वचा में आग लग चुकी है. Continue reading “ग्वालियर में विक्रम की सवारी”

कनॉट प्लेस पे बकवास का तृतीय खंड

कनॉट प्लेस पे बकवास का तृतीय खंड

कनॉट प्लेस पे आप किताबें खरीदने भी आ सकते हैं. चबूतरे पे लोग मलाला युसुफजई की आत्मकथा से ले कर टॉलस्टॉय के उपन्यास तक ले कर बैठे रहते हैं. कीमतों में छूट नहीं है पर किताबें आपके एक बार के मैकडोनाल्ड मील से तो सस्ती ही हैं. मन लुभाए तो ले डालिए. एन ब्लाक में ऑक्सफोर्ड बुकस्टोर है. यहाँ घुसने से पहले अपना झोला वगैरह जांच करवाना होता है की कहीं किताबों की तस्करी तो नहीं कर रहे. अन्दर काफी खुशनुमा माहौल है. एक तरफ कैफ़े है चा-बार नाम का और दूसरी तरफ पुस्तकालय. पहले ये काफी खूबसूरती से सजाया हुआ होता था, हर आले में लिखा होता था कि किस शैली की पुस्तकें हैं, और कुछ जगहों पे नयी छपी किताबें सजी होती थीं. पर लगता है धंधा चला नहीं. अब एक कोने में टैरो कार्ड ले के एक महिला बैठी होती हैं. और क्यूंकि टैरो में तवे के आकार की बिंदी लगा के और भूतिया मेकअप करके बैठना अनिवार्य है इसलिए ये भी ऐसे ही तैयार होती हैं. मेरा मकसद छींटाकशी नहीं है पर टैरो को ले कर कभी श्रध्दा नहीं जाग सकी. अगर बुरा लग रहा हो तो क्षमा करें. और न कर पाएं तो कोई बात नहीं. ऑक्सफ़ोर्ड में अब अन्दर ठेले लगे हुए हैं. शायद मालिक को मालूम हुआ है कि किताबों से ज्यादा यहाँ स्टीकर, पोस्टर, ताबीज़, ब्रेसलेट, कड़े, कंगन और आलतू फालतू आइटम बिकते हैं इसलिए यही सब रखने लगे हैं. किताबें अब पहले जैसे करीने से नहीं सजी हैं. इधर की उधर पड़ी हैं. दुःख होता है देखकर. Continue reading “कनॉट प्लेस पे बकवास का तृतीय खंड”

कनॉट प्लेस पे और बकवास

कनॉट प्लेस पे और बकवास

आपके संदेशों का सिलसिला थम नहीं रहा. सब कह रहे हैं कि मज़ा आ रहा है अपनी वाली हिंदी पढ़ के. सच कहूं तो मुझे भी हिंदी में लिख के अच्छा लग रहा है. हिंदी में सचमुच ज्यादा कहने को है और दुर्भाग्यवश अच्छे चिट्ठों के अभाव में कम पढने को है. इस अंतर का फायदा मुझ जैसे औसत दर्जे के चिट्ठा लेखकों को हो रहा है. आइये अपनी कनॉट प्लेस वाली चर्चा को जारी रखें. Continue reading “कनॉट प्लेस पे और बकवास”

Five Problems Every Indian Dentist Has Faced

1. Clinic Location

If you’re in a tier II city, you might still find a place where there are no dentists within a one kilometer radius. But in metros, there are soon going to be more dental clinics than grocery shops. We have a brigade of fresher dentists opening new clinics every year and everyone knows that the awareness for dentistry is more in the big cities. So, everyone is starting their practice in Delhi, Mumbai, Bangalore, Pune – which means that now when you google ‘dentists in Uttam Nagar, Delhi’, your screen explodes with data overload. Continue reading “Five Problems Every Indian Dentist Has Faced”