बातचीत – क्या भूत होते हैं?

भूत प्रेत कहानियों में अभी भी पाए जाते हैं. लोग अब भी तांत्रिकों पे भरोसा करते हैं. मेरा अनुभव. 

photoपड़ोस में एक नए किरायेदार आए हैं. बात कर रहा था उनके घर पे बैठ के तो बातों से बातें निकल आईं. चाय बनने लगी और मेरी नज़र यहाँ वहां घूमी. उनके दरवाज़े के कुंडे पे एक धागा सा बंधा था. मैंने देख के अनदेखा किया. फिर चाय आई और बातें चलने लगीं. उनके जीवन में पहले काफी दुःख रह चुके थे. सभी के रहते हैं. इनकी सौतेली माँ ने इनके पिताजी की तंत्र मन्त्र से हत्या करवा दी थी. और जायदाद के लिए इनके भी पीछे भूत प्रेत लगा रखे थे. इसलिए इन्होने पूरे घर को अभिमंत्रित धागों से बाँधा हुआ था. ये सब सुनके मेरा चाय पीने का मन ख़तम सा होने लगा.

“क्या ये सब होता है?”

“अरे होता है. तांत्रिक अपनी शक्तियों से किसी को मार सकते हैं. वरना आप कैसे समझेंगे उन केसेज़ को जिनमे लाश में कोई टांका या चीरा नहीं होता पर दिल गायब हो जाता है? नोएडा में ऐसा ही हुआ था. तांत्रिक बुरी आत्मा को दुश्मन के भीतर प्रवेश करा देते हैं और फिर वो आत्मा धीरे धीरे इंसान का दिल खा जाती है.”

मेरा आगे सुनने का मन ख़तम हुआ जा रहा था पर वो बोलते रहे.

“ऐसा होता है कि यदि किसी पे जादू हुआ हो तो उसकी त्वचा पे बुढापे के निशान जैसे झुर्रियां और सूखापन आने लगते हैं. और जैसे लाश के हाथ पाँव फूल जाते हैं वैसे की उस व्यक्ति के भी हाथ पांव फूलने लगते हैं. उसका ध्यान किसी की बातों पे नहीं लगता. आँखें इधर उधर देखती रहती हैं, और घबराहट रहती है.”

फिर बात वास्तु शास्त्र और पोजिटिव/ नेगेटिव एनर्जी तक चली गयी. अगर घर साफ़ रखो तो भूत नहीं आएगा. अगर आप गन्दा रखोगे या सही दिशा में किवाड़ नहीं होंगे तो प्रेत आसानी से अटैक करके आपका दिल खा जाएँगे और आपकी बॉडी झुर्रिया के सूख जाएगी.

ये सब सुनके मेरी ये तो नहीं कह सकते कि घिग्घी बंध गयी पर मेरी घिग्घी बंध गयी थी. फिर मैं अपने घर आ गया और गूगल पे रिसर्च चालू की. जाने क्यूँ वहम होने लगे. क्या भूत प्रेत होते हैं? पहले कुछ नतीजे यही आये कि हां होते हैं और उन्हें भगाने के लिए ये ये मन्त्र और ये ये उपाय हैं. पोजिटिव नेगटिव एनर्जी पे भी भारी शास्त्र पुराण लिखे हुए हैं. एक बात ये है कि ये काला जादू और तंत्र मन्त्र हर धर्म में किसी न किसी रूप में है. भारत में तो इसकी इतनी भरमार है की हर घर में एक एक्सपर्ट है जो हाथ देख लेता है, वास्तु दोष और फेंग शुई वाले खटकरम कर लेता है.

विज्ञान को मिडिल फिंगर दिखाते हुए साधू बाबा चमत्कार दिखाते हैं. किसी तांत्रिक की शक्ति से टेबल कुर्सी हिलने लगती हैं, किसी के क्रोध से बुरी आत्माएं घर आ के कैलन्डर में आग लगा देती हैं, ट्यूबलाइट बल्ब फोड्डालती हैं. विश्वास करने वाले भी काफी हैं. इनके फेवरेट बाबा के खिलाफ कुछ बोल के देख लो. आपको बता दिया जाएगा कि दुनिया में कई ऐसी शक्तियां हैं जिनके बारे में आप कुछ नहीं जानते.

इन सब बातों को सोच सोच कर आपका दिमाग आपको चीज़ें दिखाने और सुनाने लगता है. मुझे पिछले जनम का रहस्य और पिशाच के पीपल पर रहने वाली बातें हलकी हलकी सच लगने लगीं. और यही होती है शुरुआत. पढ़े लिखे लोग भी जब दिमाग को आले पे सजा के रख आते हैं और हर छोटी बड़ी बात को जादू टोने से जोड़ने लगते हैं तो इन तांत्रिकों का बिजनेस चलने लगता है. दुनिया में कई ऐसे जादूगर हैं जो अजब गजब चीज़ें करते हैं. पर वो बता देते हैं कि ये सब ट्रिक हैं जो आँखों को धोखा देकर या विज्ञान का सहारा ले कर की जाती हैं. झाड़ फूँक वाले बस अपने जादू को संजीदगी से करते हैं और इंसान का दिमाग छलावा खा जाता है.

अगर मैं आपको दस बार कहूँ कि आप पर शनि की महादशा चल रही है तो आप हर छोटी बड़ी चीज़ को अपनी किस्मत से जोड़ने लगेंगे और घबराने लगेंगे – आपके विश्वास के दम पर आपका शरीर भी डगमगाने लगेगा, और तबियत खराब होने लगेगी. बस इसी को तांत्रिक की जीत कहते हैं. और अगर आप ईश्वर पर विश्वास रखकर ये सब तंत्र ताबीज़ को नहीं मानेंगे तो एक तरह से आपका दिमाग आपके आत्मविश्वास के सहारे इस वशीकरण, जादू टोने को हरा देगा. बात वही है – चाहे भगवान को मानो या विज्ञान को, बस ये तंत्र मन्त्र से डरो मत. और जब अगली बात कोई तांत्रिक आप पे कुछ मंतर फूंके तो उसको घुमा के एक लप्पड़ रसीद करो.

बाकी आपको क्या लगता है? ये सब सचमुच होता है क्या?

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